“विचार”

एहसास

यदि हम अपने जीवन से यह कहते रहेंगे कि मैं तब ख़ुश होऊँगी जब मेरे पास बेहतर मकान होगा,मैं तब ख़ुश होऊँगी जब मैरा नौकरी में प्रमोशन होगा , या मेरे पास ज़्यादा पैसा होगा या मैं सैर कर पाऊँगी , या मैं तब ख़ुश होऊँगी जब मेरा व्यापार अच्छा होगा, तो हमें चीज़ें कभी भी नहीं मिल पाएँगी क्योंकि अपने विचार प्रेम की कार्यवीधि की अवहेलना कर रहे हैं हम अपने आकर्षण की अवहेलना कर रहे हैं, सुखद चीज़ें पाने के लिए हमें पहले अपने आप को ख़ुश करना होगा पहले हमें ख़ुशी देनी होगी , उसके विपरीत काम कर के सफल होना होगा क्योंकि हम अपनी भावनाओं के सूत्रधार हैं हम अपने प्रेम के सूत्रधार है, हम जो भी देंगे , प्रेम की शक्ति कई गुना बढ़ा कर हमको लौटा देंगी,

If we keep saying to our life that We will be happy when We have a better…

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